ओपनएआई ने चैटजीपीटी एटलस एआई ब्राउजर लॉन्च कर टेक्नोलॉजी जगत में हलचल मचा दी। कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन के ऐलान ने गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट को करारा झटका दिया, जिससे उसके शेयरों में 4.8 प्रतिशत की गिरावट आई। नतीजा, अल्फाबेट की वैल्यूएशन 150 अरब डॉलर यानी करीब 13 लाख करोड़ रुपये लुढ़क गई। यह ब्राउजर गूगल क्रोम का सीधा मुकाबिल है, जो ब्राउजिंग को नया आयाम देगा।
ऑल्टमैन का ऐलान और ब्राउजर के फीचर्स
सैम ऑल्टमैन ने वीडियो संदेश में कहा, यह ब्राउजर क्रोम का साधारण प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि वेब ब्राउजिंग को फिर से परिभाषित करने वाला है। क्रोमियम तकनीक पर बने एटलस ब्राउजर की शुरुआत मैकओएस से हुई, जल्द विंडोज, आईओएस और एंड्रॉयड पर आएगा। मुख्य खासियतें हैं चैटजीपीटी का एकीकरण, व्यक्तिगत ब्राउजिंग और एजेंटिक मोड। इस मोड में ब्राउजर यूजर के काम खुद निपटा सकता है—जैसे रेसिपी देखकर सामग्री ऑर्डर कर देना, जो क्रोम पर मिनटों का काम सेकंडों में हो जाता है।
टेक जगत की प्रतिक्रिया और गूगल पर असर
ऐलान के घंटों बाद ही अल्फाबेट के शेयर गिरे, जो गूगल के सर्च और ब्राउजर प्रभुत्व पर सवाल खड़े करता है। टेक समुदाय इसे ओपनएआई की बढ़ती ताकत का संकेत मान रहा है। गूगल को अब प्रतिस्पर्धा से जूझना पड़ेगा, क्योंकि ओपनएआई लगातार नवाचार कर रहा है।
